Tulsi Jayanti Week — 23 August 2026
नवादा। शिक्षा, नैतिक मूल्यों और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर के अनुपम संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध मॉडर्न शैक्षणिक समूह तथा हाल ही में स्थापित उच्च शिक्षा संस्थान एस० ए० यूनिवर्सिटी (SA University) के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक महाकुंभ का साक्षी बना नवादा। कुंतीनगर स्थित मॉडर्न इंगलिश स्कूल के विशाल प्रांगण में गोस्वामी तुलसीदास जयंती सप्ताह के अवसर पर भव्य संगीतमय श्रीरामचरितमानस पाठ आयोजित किया गया। इस अवसर पर मॉडर्न शैक्षणिक समूह से जुड़े विभिन्न संस्थानों के 5,000 से अधिक छात्र-छात्राओं ने एक स्वर में बालकांड के सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ और श्रीराम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद का सस्वर संगीतमय पाठ किया। सम्पूर्ण परिसर भगवा ध्वजों, चंदन तिलक और शंखनाद की पावन ध्वनि से भक्तिमय तथा आध्यात्मिक चेतना से सराबोर हो उठा।
वरिष्ठ अतिथियों का गरिमामय आगमन एवं दीप प्रज्ज्वलन
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि रामानंद सागर कृत लोकप्रिय धारावाहिक ‘रामायण’ में भगवान श्रीराम की अविस्मरणीय भूमिका निभाने वाले अभिनेता व मेरठ के माननीय सांसद श्री अरुण गोविल, विशिष्ट अतिथि बिहार सरकार के माननीय कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, मॉडर्न शैक्षणिक समूह के अध्यक्ष डॉ. अनुज सिंह, नवादा जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष श्री अशोक कुमार सिंह असोशियेसन ऑफ टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीचयूशंस के महासचिव, मॉडर्न शैक्षणिक समूह के सचिव एवं एस० ए० यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति डॉ. शैलेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से मंगलदीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। हिंदी शिक्षक मनीष कुमार पांडेय एवं उमेश पांडेय द्वारा प्रस्तुत मंगलाचरण और श्रीराम स्तुति से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
प्रमुख अतिथियों के ओजस्वी विचार
श्री विजय कुमार सिन्हा (माननीय कृषि मंत्री, बिहार सरकार):
"मॉडर्न शैक्षणिक समूह एवं एस० ए० यूनिवर्सिटी का यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी में नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक जड़ों को सींचने का अभूतपूर्व प्रयास है। आज के उपभोक्तावादी दौर में हजारों युवाओं का एक साथ मानस पाठ करना प्रशंसनीय है।"
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का चरित्र जीवंत करने वाले श्री अरुण गोविल (माननीय सांसद एवं वरिष्ठ अभिनेता):
"श्रीराम का चरित्र हमें सत्य, संयम, कर्तव्य और मर्यादा की सीख देता है। जीवन में सफलता केवल परीक्षा के अंकों से नहीं, बल्कि एक श्रेष्ठ इंसान बनने से मिलती है। नवादा की इस पावन धरती का अपार स्नेह मुझे लगातार कई बार से आमंत्रण के रूप में प्राप्त हो रहा था, पर नवादा की ऐतिहासिक धरती पर मैं पहली बार आ पाया हूँ| मैं तो यही मानता हूँ कि ‘होइहें वही जो राम रची राखा’| मेरा आह्वान है कि हर घर में रामायण की प्रति होनी चाहिए, क्योंकि यही वह महग्रन्थ है कि जो मर्यादा, रीति एवं नीति के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।"
डॉ. अनुज सिंह (अध्यक्ष, मॉडर्न शैक्षणिक समूह):
"रामचरितमानस भारतीय सभ्यता और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। मॉडर्न शैक्षणिक समूह और नव-स्थापित एस० ए० यूनिवर्सिटी का ध्येय विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी व व्यावसायिक शिक्षा देने के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखना है। उन्होंने कहा कि राम कोई लक्ष्य नहीं, वे तो उस आहट की तरह हैं, जो बिना आए सुनाई देती है और जब आती है, तो सब कुछ शांत कर देती है। वे किसी तर्क का उत्तर नहीं, वे उस मौन की स्वीकृति हैं, जहाँ तर्क स्वयं अपने अस्तित्व को विस्मृत कर देता है।"
डॉ. शैलेश कुमार (सचिव, मॉडर्न शैक्षणिक समूह एवं कुलाधिपति, एस0 ए0 यूनिवर्सिटी):
"श्रीरामचरितमानस हमें सिखाता है कि परिवार और समाज प्रेम, त्याग, संस्कार और मर्यादा के स्तम्भों पर ही सुदृढ़ बनते हैं। उन्होंने कहा कि राम कोई साधारण सा नाम नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव हैं। वे धर्म नहीं, धर्म की आत्मा हैं—वह आत्मा, जो सभी मतों से परे होती है, पर सभी में समान रूप से है; व्याप्त। रामायण का यह महापाठ हनुमान जैसी श्रीराम की भक्ति की प्रेरणा देता है और देता है संदेश कि शक्ति तभी आकार लेती है, जब प्रभु की भक्ति से वह सम्पन्न होती है| नवोदित एस0 ए0 यूनिवर्सिटी का उद्देश्य है ज्ञानवान, शौर्यवान और चरित्रवान विद्यार्थियों को देश के निर्माण में समर्पित करना और इस देश को विश्वगुरु के रूप में पूजित कराना| "
तीन घंटे तक गूंजती रही संगीतमय स्वर-लहरी
पाठ की मुख्य मंचीय प्रस्तुति 11 छात्राओं (अनुराधा, साक्षी, प्रिया, रिद्धिमा, परी, आराध्या, तुली, साक्षी, अनमोल आदि) द्वारा दी गई, जिसका अनुसरण पंडाल में उपस्थित 5000 विद्यार्थियों ने किया।
संगीत संगत: बिहार के प्रसिद्ध तबला वादक नंदन झा ने तबले पर, जबकि संगीत शिक्षक पवन कुमार एवं अनिल कुमार ने हारमोनियम व नाल पर संगत कर प्रस्तुति को संगीतमय ऊँचाई प्रदान की।
मंच संचालन: छात्रा प्रज्ञा दूबे, अदिति सिन्हा एवं परिधि ने प्रभावी ढंग से किया।
पाठ के समापन उपरांत प्रभु श्रीराम की महाआरती की गई और समस्त अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के बीच प्रसाद वितरण हुआ। अंत में मॉडर्न शैक्षणिक समूह व एस० ए० यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने सभी कलाकारों, शिक्षकों और कर्मचारियों के सामूहिक योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
Independence Day flag-hoisting ceremony at S. A. University, Nawada — 15 August 2026
पावन राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त—स्वतंत्रता दिवस के शुभ एवं गौरवमयी अवसर पर एस. ए. विश्वविद्यालय (S. A. University), नवादा में अत्यंत गरिमामय एवं राष्ट्रभक्तिपूर्ण वातावरण के मध्य राष्ट्रध्वज का विधिवत् ध्वजारोहण कर तिरंगे को ससम्मान सलामी अर्पित की गई।
इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत माता की स्वतंत्रता एवं अखण्डता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों तथा महान स्वतंत्रता सेनानियों के अदम्य साहस, त्याग, तपस्या एवं राष्ट्रसेवा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उन्हें कोटि-कोटि नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
नवादा के इतिहास में आज का दिवस अत्यंत महत्वपूर्ण, गौरवपूर्ण एवं अविस्मरणीय है। देश की स्वतंत्रता के 80वें स्वतंत्रता दिवस के पश्चात् नवादा की पावन धरती पर स्थापित यह प्रथम विश्वविद्यालय शिक्षा, स्वास्थ्य, ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता इत्यादि के क्षेत्र में एक नवीन युग का सूत्रपात करने वाला ऐतिहासिक विश्वविद्यालय है। अतः इस विश्वविद्यालय परिसर में प्रथम बार हर्षोल्लास पूर्ण वातावरण में ध्वजारोहण (flag hoisting) राष्ट्रध्वज का ध्वजारोहण होना, अत्यंत भावुक, गौरवमयी एवं हर्षोल्लास से परिपूर्ण क्षण है।
इस ऐतिहासिक एवं स्मरणीय अवसर पर आदरणीय श्री त्रिवेणी सिंह, माननीय विजिटर, डॉ. शैलेश कुमार तथा विश्वविद्यालय के समस्त पदाधिकारीगण, सहयोगियों तथा मॉडर्न शैक्षणिक समूह के महाविद्यालयों के विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता में प्रथम ध्वजारोहण सम्पन्न हुआ।
यह ऐतिहासिक क्षण न केवल एस. ए. विश्वविद्यालय के लिए, अपितु सम्पूर्ण नवादा जनपद के लिए गौरव का विषय है। यह विश्वविद्यालय आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान, संस्कार, राष्ट्रनिर्माण एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रकाशपुंज बने—इसी मंगलकामना के साथ सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक, सादर एवं मंगलमय शुभकामनाएँ।